अपनी Email Id डालकर मेरी आने वाली पोस्ट को अपनी Email Id में पायें

Enter your email address:

Delivered by FeedBurner

मेरे Blog को Share करके और अन्य तक पहुचाएं और किसी की सहायता किजिये लोग जब मेरे ब्लॉग को पढ़ते है तो मेरा आत्मविश्वास और भी प्रगाढ़ होता है और मैं आपके लिए ऐसी Post लिखने की कोशिश करता हु जो आपके लिए बहुत ही उपयोगी हो. आशा करता हु आप अपनी हिंदी भाषा को इन्टरनेट की दुनिया में एक नाम देने में मेरी सहायता करेंगे.

04 July, 2015

अंग्रेजी सीखने के 5 तरीके : 5 Ways to Learn English

वैश्वीकरण के साथ ही एक से अधिक भाषाओं पर कमांडसमय की जरुरत बन गई। ऐसे में खास तवज्जों अंग्रेजी को मिली। विदेशी भाषा होने की वजह से कई बार हमलोग खुद को इसमें कमजोरमहसूस करते हैं लेकिनसच्चाई यह है कि यदिथोड़ा सा भी नियमित अख्यास किया जाए तोहम अंग्रेजी भाषा परआसानी से अपनी पकड़बना सकते हैं। इसकेलिए एकाग्र होना होगा।

नहीं कोई हीनता
अंग्रेजी पर कमांड के लिए सबसे पहलेमन से यह हीन भावना निकाल दीजिएकि अंग्रेजी न आने की वजह से आप अधूरेया पिछड़े हैं। यह एक विदेशी भाषा है,और उपयुब्त माहौल न मिलने पर यदिइसपर हमारी कमांड नहीं है तो इसमें कोईअपराध नहीं है। हीन भावना हटाने के बादही आप अपनी क्षमताओं को एकत्रा करकेएक सही दिशा दे पाएंगे।
बेसिक से करें शुरु -
हम लोगों में से बहुत से लोगों ने पढ़़ाईहिंदी माध्यम से की है। इसके चलते भीअंग्रेजी का अख्यास नहीं हो पाता। इसस्थिति में बेसिक से शुरुआत करनीचाहिए। कक्षा पहली, दूसरी की अंग्रेजीकी किताबों से पढ़़ना शुरु करेंगे तोआसानी से गति पकड़ पाएंगे।


खुलेंगे दायरे -
अंग्रेजी जानने से जॉब हासिल करने में तो मददमिलती ही है, साथ ही आपके लिए एक नई संस्कृतिके दरवाजे भी खुल जाते हैं। हर नई भाषा के साथउसकी संस्कृति, कला और लोगों को जानने केअवसर जुड़े रहते हैं। इस तरह एक नई भाषासीखकर आप खुद को सांस्कृतिक रुप में भी समृद्धऔर जानकार बना सते हैं।
बोलना भी जरुरी -
अक्सर ऐसा होता है कि हम अंग्रेजी लिख और पढ़़तो लेते हैं लेकिन बोलने में झिझक महसूस करनेलगते हैं। इस झिझक को दूर करने का तरीका हैकि ऐसे दोस्त या शिक्षक के साथ अंग्रेजी में बातशुरु कीजिए, जो अंग्रेजी जानता है और आपकीगलतियां भी आराम से बताता है। बोलने के अख्याससे आपकी यह झिझक दूर हो जाएगी।

जरुरी है प्रैक्टिस

किसी भी भाषा पर कमांड तभी बनाईजा सकती है, जब उसका पूरा औरलगातार अख्यास किया जाए। अंग्रेजीकी किताबों को पढ़़ने के अलावा पढ़़ेगए पाठ, व्याकरण आदि का अख्यासकरें। इसके लिए अंग्रेजी के नाॅवेल,अखबार, मैगजीन आदि पढ़़ें। शुरु मेंपढ़़ने की गति कम हो सकती है लेकिनधीर-धीरे आगे बढ़़ें। पढ़़ने पर कमांडआने के बाद अंग्रेजी में आने वालेकाटूर्न देखें। आप इंग्लिश न्यूज चैनलऔर मूवीज के जरिए भी अपनी यहप्रैक्टिस जारी रख सकते हैं। इससेएक्सेंट की समझ बनेगी।

23 June, 2015

आलू के फायदे : हिंदी निबन्ध


hindi article achhikhabarसब्जियों का बादशाह : हर शादी की शान
आलू एक फायदे अनेक

आयुर्वेद के अनुसार आलू ठंडा, मधुर, पचने में भारी, मल को गाढ़़ा करने वाला होता है। साथ ही कम समय में ज्यादा ऊर्जा देने वाला होता है। यह शक्तिवर्धक, रब्तपित्त शामक, मल- मूत्रा निस्सारक एवं दुग्धवर्धक है।स्पेन के शोधकतार्ओं की एक नई
खोज के अनुसार जो व्यक्ति आलू खाते हैं, उनकी व्याधियों से मुकाबला करने की सामर्थ्य बढ़़ जाती है।
आलू में विटामिन सी, बी कॉम्पलेक्स तथा आयरन, कैल्शियम, मैगनीज, फास्फोरस सरीखे तत्व होते हैं।
सौ ग्राम आलू में 1.6 प्रतिशत प्रोटीन, 22.6 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 0.1 प्रतिशत वसा, 0.4 प्रतिशत खनिज और 97 प्रतिशत कैलोरी ऊर्जा पाई जाती है।
      यदि आलू को शीतल करके या सलाद की भांति सेवन किया जाए, तो इसमें ज्यादा फायदा होता है। आलू को सदाबहार सब्जी का दर्जा ही नहीं प्राप्त है, बल्कि आलू में तमाम विलक्षण औषधीय गुण भी समाहित हैं।
आलू के इस्तेमाल से रोग प्रतिरोधकशक्ति बढ़़ती है। जलने पर कच्चा आलू कुचलकर जले भाग पर तुरंत लगा देने से आराम मिल जाता है।
अम्लपित्त से राहत पानी है, तो कच्चे आलू का रस प्रतिदिन पीना चाहिए। चेहरे के धब्बे मिटाने के लिए आलू के रस में नीबू रस की कुछ बूंदें मिलाकर लगाने से धब्बे हल्के हो जाते हैं।
स्तनपान कराने वाली माताओं को आलू का सेवन अवश्य करना चाहिए। आलू मां के दूध को बढ़़ाने वाला होता है।
आलू के टुकड़ों को गदर्न, कुहनियों आदि सब्त स्थानों पर रगड़ने से वहां की त्वचा साफ एवं कोमल हो जाती है। आलू भूनकर नमक के साथ खाने से काया में चबीर् की मात्रा में कम होती है और शरीर फिट होता है।

Followers

Please Like Us

कृपया अपनी E-mail ID डालकर मेरी आने वाली पोस्ट को अपनी Email ID में पायें

Google+ Followers

Google+ Badge